बाल कल्याण योजना से अक्षिता और इशिका को मिली नई राह “कहानी सच्ची है”

मुख्यमंत्री बाल कल्याण योजना कोविड में अपने माता-पिता खो चुके बच्चों के लिए मजबूत सहारा बनी है। अब अक्षिता और इशिका भी उन बेटियों में शामिल हो गई हैं जिन्हें मध्यप्रदेश सरकार का सहारा मिला है।

   कहानी कुछ ऐसी है कि भोपाल के कमला नगर निवासी – अक्षिता एवं इशिका के पिता श्री हीरेश कुमार एवं माताजी श्रीमती कीर्ति दुबे की मृत्यु कोविड के कारण हुई थी।

   मुख्यमंत्री बाल कल्याण योजना अंतर्गत अक्षिता एवं इशिका ने इस योजना को अपने लिए अनुकूल माना। पिता श्री हीरेश कुमार निजी कोरियर में कार्य करते थे एवं मां ग्रहणी थी।

   इन परिस्थितियों में अक्षिता और उनकी बहन इशिका को दूर तक अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा था। वो अपनी बुआ के साथ रहती है इशिका बालिग है जबकि अक्षिता 14 साल की है। ऐसे में मुख्यमंत्री बाल कल्याण योजना उनके सामने उज्जवल किरण की भांति आयी।

   अक्षिता की बुआ श्रीमती कल्पना शुक्ला ने बताया कि कोरोना से अचानक हुई मेरे भाई और भाभी की मृत्यु ने बच्चियों को एवं हम सभी को इतना झकझोर दिया कि हम बच्चियों के भविष्य के बारे में एवं उनके भरण-पोषण के बारे में कुछ सोच ही नहीं पा रहे है। ऐसे में महिला एवं बाल विकास की सुपरवाईजर कल्पना एवं सुशील हमारे घर आए और पूरी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बाल कोविड कल्याण योजना के तहत हमें मदद मिलेगी। यह सुनकर हमारे लिये यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। उन्होंने सभी कार्यवाही पूर्ण की और दोनों बेटियों को अब बाल कल्याण योजना का लाभ भी मिलने लगा है। ईश्वर के साथ हम सरकार के भी शुक्रगुजा़र हैं, जो उन्होंने इस संकट में इतना बड़ा आसरा दिया। अब जीवन-यापन की चिंता छोड़ दोनों बेटियां अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी।

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