
तेलंगाना अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (एएआर) कमर्शियल टैक्सेज डिपार्टमेंट ने दो फैसलों में कहा है कि बीज “कृषि उत्पाद” नहीं हैं और उन्हें माल और सेवा कर (जीएसटी) में लाना चाहिए ,
, एएआर ने कहा कि “बीज” को “अनाज” से अलग माना जाता है।11 फरवरी के फैसले में कहा गया है की ,अनाज और बीज पर लागू कानून अलग होगा और इसलिए किसान द्वारा उत्पादित अनाज पर लागू रियायतें बीज पर लागू नहीं होंगी, ।टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि गंगा कावेरी सीड्स और नरसिम्हा रेड्डी एंड संस के मामले में एएआर के फैसलों ने एजुस्डेम जेनेरिस सिद्धांत को लागू किया।
एएआर ने फैसला सुनाया कि फसल से प्राप्त सीधे अनाज उत्पाद को टेक्स में छूट होसकती है परन्तु बीज कंपनियां कृषि बीजों के उत्पादन और बिक्री में शामिल होती है और उत्पादन प्रक्रिया के दौरान, बीजों के उत्पादन के संबंध में सफाई, सुखाने, ग्रेडिंग और पैकिंग जैसी कुछ सेवाओं को जॉब वर्कर्स को आउटसोर्स किया गया था। जो की टेक्स के अंतर्गत है।
भारत में केपीएमजी में इनडायरेक्ट टैक्स के पार्टनर हरप्रीत सिंह ने कहा, “अधिकारियों ने एजुस्डेम जेनेरिस के सिद्धांत का इस्तेमाल किया है, जिसका मतलब है कि सामान्य शब्दों में कृषि उत्पाद या अनाज में विभिन्न चरण अपनाना ।” “इन फैसलों में कहा गया है कि कृषि उपज की परिभाषा में इस्तेमाल किया जाने वाला कच्चा माल भोजन, फाइबर और अन्य उपभोग्य सामग्रियों तक सीमित है और क्योंकि बीजों का उपभोग नहीं किया जाता है बल्कि खेती की जाती है, वे जीएसटी के अधीन हैं।”
कर विशेषज्ञों के अनुसार, बीज को जीएसटी से छूट दी गई है, जैसे कि बीज से प्राप्त कृषि उत्पाद और कृषि उत्पादों से संबंधित सेवाएं।
कई विशेषज्ञों ने कहा है कि बीज उत्पादन से जुड़ी सेवाओं को जीएसटी ढांचे के तहत लाने से पूरी कृषि श्रृंखला की लागत पर असर पड़ सकता है। उनके अनुसार, इससे अंतिम उत्पादों की लागत में 18% की वृद्धि हो सकती है। जीएसटी ढांचे के तहत कर को आगे की श्रृंखला में पारित किया जाता है।
इसका मतलब यह हो सकता है कि जीएसटी अंतिम उपयोगकर्ता कोदेना होता है। कृषि उत्पाद की परिभाषा में, ‘कच्चा माल’ शब्द का प्रयोग किया जाता है, जो एक व्यापक शब्द है जिसका प्रयोग भोजन, फाइबर और ईंधन जैसे विशिष्ट शब्दों के साथ किया जाता है। एएआर ने गंगा कावेरी के मामले में फैसला सुनाया कि ये विशिष्ट शब्द मनुष्यों द्वारा या उद्योग में प्रत्यक्ष उपभोग का संकेत देते हैं लेकिन खेती नहीं।
बीज आपूर्ति कृषि उत्पाद की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आती है क्योंकि बीज उसमें निर्धारित उपयोगिताओं को पूरा नहीं करता है।
एएआर ने नरसिम्हा रेड्डी के मामले में फैसला सुनाया कि पट्टे पर भंडारण सुविधाओं या गोदामों में बीज का भंडारण, सीड प्रॉसेसिंग में जॉब वर्क , बीज की लोडिंग, अनलोडिंग और पैकिंग, जीएसटी भुगतान से मुक्त नहीं है। सिंह ने समझाया, “आम बोलचाल में, कोई भी बीज को कृषि उत्पाद के रूप में देखता है और इस प्रकार जीएसटी से मुक्त होता है।” परन्तु बीज को सीधे कृषि उत्पाद नहीं