
जिले में खाद की कालाबाजारी को लेकर प्रशासन और कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के साथ ही संबंधित के खिलाफ थाने पर एफआईआर भी दर्ज की गई।
खरगोन
जिले में खाद की कालाबाजारी को लेकर प्रशासन और कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के साथ ही संबंधित के खिलाफ थाने पर एफआईआर भी दर्ज की गई। युरिया खाद का अवैध परिवहन करते हुए पकड़े जाने के बाद भीकनगांव के उर्वरक निरीक्षक एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एसएल अटोदे ने भीकनगांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। यह एफआइआर आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक के अंतर्गत दर्ज हुई है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अटोदे ने बताया कि भीकनगांव के ग्राम सतवाड़ा में यूरिया उवर्रक बिना प्राधिकार पत्र के परिवहन होने की जानकारी गुरुवार को मिली थी।सूचना मिलने पर तत्काल एसडीएम सिराली जैन सहित कृषि विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। यहां ट्रक क्रमांक एमएच 43 यू 9676 में यूरिया खाद भरा हुआ है। वाहन चालक मुकेश दरियाव निवासी छेड़िया व हेल्पर कालू मोजीलाल निवासी पाल से पूछताछ करने पर पता चला कि उनके पास बिल्टी चालन या कोई भी प्राधिकार पत्र नहीं है। इससे स्पष्ट प्रतित होता है कि युरिया का अवैध परिवहन कालाबाजारी की नियत से परिवहन किया जा रहा है। ट्रक में 335 यूरिया के बैग जो नर्मदा बायोकेम लिमिटेड अहमदाबाद का प्रोडक्ट है।
महाराष्ट्र से आ रहा था यूरिया, 500 रुपये प्रति बैग कर रहे थे विक्रय
इस मामले के सामने आने पर कृषि विभाग हरकत में आ गया। कृषि उपसंचालक एमएल चौहान ने बताया कि जब्त किया गया खाद महाराष्ट्र से आ रहा था। जब्त किए गए खाद की एक बोरी की कीमत करीब 300 रुपये है लेकिन जिले में इसे 500 रुपये प्रति बैग की दर से विक्रय किया जा रहा है। चौहान ने बताया कि इतने बड़े पैमाने पर क्षेत्र में महाराष्ट्र का खाद मिलना विभाग लिए चुनौती है। इस मामले की जानकारी के लिए विभागीय स्तर पर टीम जांच में जुटी है।फिल्हाल इस मामले में सिर्फ ट्रक चालक के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज हुई।महाराष्ट्र से खाद किसके आर्डर पर यहां पहुंचा और कहा-कहा इसका विक्रय होना था।प्रशासन स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है।